Hostel life



उन चार दोस्तों के साथ, मेरी सभी यादें यादगार हैं,
बार-बार उस याद को याद करने में भी कुछ खास बात हैं!

मेरे दोस्तों की हर एक बात लाजवाब हैं, क्योकि
हर शाम की, चाय की चुस्की में भी कुछ खास बात हैं

संचालक की निमावली का पूरा जाल हैं, लेकिन 
इस नियम को तोड़ने में भी कुछ खास बात हैं

वैसे तो प्यार बड़ा हैं - हम दोस्तों के बीच, लेकिन 
एक-दूसरे की टांग खींचने में भी कुछ खास बात हैं

वैसे तो हर रोज़ आनंदित होने के अभ्यासी हैं हम, लेकिन
दोस्तों के दुःख के सहभागी बनने में भी कुछ खास बात हैं

वैसे तो चाय की चुस्की पे ज़िंदा हैं हम, लेकिन
वो होस्टेल का सड़ा हुआ खाने में भी कुछ खास बात हैं

वैसे तो कई बार एक-दुसरो के कपड़े पहन लेते हैं हम, लेकिन 
उस कपड़ो को, बिना धुलाई के लौटाने में भी कुछ खास बात हैं!

वैसे तो हर रोज़ लगता हैं खुशियों का त्यौहार, लेकिन
कभी कभी तकिए के बीच में रोने में भी कुछ खास बात हैं!

वैसे तो याद आते हैं घर के सभी लोग, लेकिन
उन लोगो से फ़ोन पे बात करने में भी कुछ खास बात हैं!

वैसे तो यहाँ पर सुबह की संजीदा नींद और रात का नीरव चैन हैं,
इसलिए तो, होस्टेल को दूसरा घर मान लेने में भी कुछ खास बात हैं!


2 comments:

  1. presented true portrait of hostel life hamara abhinandan
    https://poemandstoriesbymanjukumari.blogspot.com/ please visit this blog also

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