हर रात चलता, हर रात फिरता
खुद के साथ में, खुद की तलाश मेंअंधेरा साथ में, सपने मेरी आँख में
सवेरे की चाह में, खुद की तलाश में
कभी खो दिया, कभी पाया खुद को
कभी रो दिया, कभी हसाया खुद को
ये जाल है, ये जंजाल है,
सपने मेरे, मेरी पहचान है
खिंचाव उस राह पे, निशान उस बात पे
सवेरे की चाह में, खुद की तलाश में
Words❤️
ReplyDeleteशुक्रिया
Deleteइतना मत खो जाना तुम खुद कि तलाश में की
ReplyDeleteखुद तुम, खुद को पहेचान ना सको
अवश्य
DeleteWow superb words 👌👏
ReplyDeleteशुक्रिया
Deletewah sahed wah ��
ReplyDeleteशुक्रिया
Deleteलाजवाब!
ReplyDeleteशुक्रिया
DeleteWah great 👌👍👌
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