कागज़ और कलम बेशक मेरे है, लेकिन
उस कागज़ पर ख़याल, सिर्फ तुम्हारा हैं!
वो गीत के बोल भले ही पुराने है, लेकिन
उस गीत के संगीत में मनोभाव, सिर्फ तुम्हारा हैं!
मेरी बातें बेशक मेरी अपनी हैं, लेकिन
ये दिल बावला, सिर्फ तुम्हारा हैं!
मेरे ख़याल लड़ पड़े हैं - अपने आप से, कि
वो ख़याल में तो हैं, लेकिन असलियत में क्यों नहीं?
Beautiful lines keep it up
ReplyDeleteThank You!
DeleteKya khoob likha h !!!
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