मुसाफिर तू बन जा



आवाज है मेरी, साहसी तू बन जा

निकले सवेरा, मुसाफिर तू बन जा

लड़ना है हमें, भिड़ना है हमें
खुले गगन में, उड़ना है हमें

खुद से है आशा, खुद से निराशा
खुद के कर्म पे, यक़ीन रख तू

झुकना नहीं है, रुकना नहीं है
खतरा है आगे, भटकना नहीं है

संघर्ष कर तू , आगे तू बढ़ जा
निकले सवेरा, मुसाफिर तू बन जा

4 comments: