A blog about poetry!
योद्धा के प्राण में, उनके सभी राग मेंधर्म के बहाव में, सोच की तलवार मेंसर्वश्रेष्ठ धार है, जीत का प्रमाण है वेद का ये भाव है, ये मेरी पहचान है
मेरे जीने की ये आश है, मेरे यज्ञ का ये सार है प्रसिद्ध ये प्रमाण है, निरंतर कर्म ही महान है
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